उत्तराखण्ड ज़रा हटके नैनीताल

कुमाऊँ विश्वविद्यालय के इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर द्वारा इंटरप्राएनशिप एवं रूरल बिज़नेस इंक्यूबटोर विषय पर आयोजित किया गया व्याख्यान…..

ख़बर शेयर करें -

नैनीताल- कुमाऊँ विश्वविद्यालय के इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर द्वारा एक व्याख्यान कराया गया।कार्यक्रम की मुख्य वक्ता चेलीआर्ट्स की फाउंडर  डॉ0 किरन तिवारी एवं रूरल बिज़नेस इनक्यूबेटर डॉ0 यामिनी जोशी रहीं। प्रो0 आशीष तिवारी निदेशक के इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन सेंटर कुमाऊँ विश्वविद्यालय, ने औपचारिक रूप से डॉ0 किरन का स्वागत एवं अभिनन्दन किया और कार्यक्रम का संचालन प्रो0 ललित तिवारी द्वारा किया तिवारी गया।

 

चेली आर्ट्स नैनीताल में स्थित एक संस्था है जो पर्यावरण संरंक्षण का कार्य कर रही है। व्याख्यान में डॉ0 किरन ने बताया की किस प्रकार 15 वर्षों से अधिक समय तक शिक्षक रह चुकी हैं और अब वह चेली आर्ट्स के माध्यम से जैविक उत्पाद बनाकर पर्यावरण संरंक्षण एवं लोगों तक जैविक उत्पाद पहुंचाने का कार्य कर रहीं हैं।उनकी रूचि प्रारम्भ से ही उत्तराखंड के लोकप्रिय कला ऐपण में थी और इसी को माध्यम बनाकर उन्होंने अपने संस्थान की शुरुआत की।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी के बनभूलपुरा से हटाया गया कर्फ्यू, जिलाधिकारी वंदना ने जारी किया आदेश…

 

ऐपण एक प्रकार से हस्त शिल्पकला है जिसमे गेरूबेसवार का प्रयोग कर विभिन्न आकृतिया बनाई जाती हैं। 2018 में शुरू किये उनके इस कार्य को अब सरकार द्वारा जी0आई0 टैग के रूप में भी पहचान मिल गई है। इसके अतिरिक्त उनकी संस्था जैविक होली के रंग, भाँग के पौधे से बनने वाले कई उत्पाद और बिच्छू घास के भी उत्पाद बनाये जाते हैं। सभी प्रकार के उत्पाद के लिए वेस्ट मटेरियल का प्रयोग किया जाता है। होली के रंग बनाने के लिए वह विभिन्न प्रकार के फूलों का प्रयोग करतीं हैं।

यह भी पढ़ें 👉  गांधी पार्क में धरने पर बैठी आंगनवाड़ी कार्यकर्ता से मिले विधायक अरोरा ,अपनी मांगों को लेकर आंगनवाड़ी कार्यकर्ता ने विधायक को सौपा ज्ञापन…..

 

उनकी संस्था में कार्यरत महिलाओं द्वारा नयना देवी मंदिर एवं गुरु द्वारा नैनीताल से सूखे फूल एकत्र कर उनकी डाई तैयार की जाती है और इनका प्रयोग फुलारीईकोप्रिंटमेंस्टॉल, शॉल, बैग साड़ी इत्यादि बनाने में किया जाता है। उन्होंने यह भी बताया की किस प्रकार बहुत ही कम निवेश से इस प्रकार का उद्योग लगाया जा सकता है। तत्पश्चात डॉ 0 यामिनी जोशी ने किस प्रकार एक उद्यम को लगाया जा सकता है और सरकार किस प्रकार इसमें सहायता करती है इन बारीकियों को बताया। उन्होंने उद्योग आधार, आर्टीसनकार्ड,

 

एम0एस0एम0इ0 कार्ड एवं जी0आई0 कार्ड के बारे में बताया साथ ही इनको लेने पर होने वाले लाभ के बारे में भी बताया। उद्यमी को उत्पाद बनाने के साथ ही उसकी पैके जिंग एवं प्रेजेंटेशन पे भी ध्यान देना चाहिए। डॉ0 जोशी ने कार्ड बनवाने के लिए भरे जाने वाले फॉर्म के बारे में विस्तार से बतायाऔर यह भी बताया की यह पूर्ण रूप से निशुल्क सेवा सरकार द्वारा प्रदान की जातीहै।

यह भी पढ़ें 👉  हल्द्वानी_बनभूलपुरा हिंसा: नामज़द समेत चार गिरफ्तार,अब तक 78 गिरफ्तार……

 

अंत में डॉ0 पैनी जोशी उपनिदेशक कु0 वि0 इनोवेशन एवं इन्क्यूबेशन ने सभी का धन्यवाद ज्ञापित किया। कार्यक्रम में प्रो0  सुषमा टम्टा,  प्रो0 नीलू लोधियाल, प्रो0  गीता तिवारी, डॉ0 रीना सिंह , डॉ0 हरीप्रिया पाठक, डॉ0  ईरl तिवारी, बिजेंद्रलाल, डॉ0  नंदन सिंह, डॉ0  हर्ष चौहान, डॉ0 दलीप कुमार, डॉ0 ऋचा गिनवाल, डॉ0 नवीन पाण्डे, डॉ0 हृदेश कुमार आदि उपस्थित रहे।

Leave a Reply