
पौड़ी – राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर के सभागार में गुरुवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) के क्रियान्वयन को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता यूसीसी के महानिबंधक डॉ. वी. षणमुगम ने की। उन्होंने पंजीकरण प्रक्रिया को सरल, सुगम और आम जनता के लिए सहज बनाने पर जोर दिया।
बैठक में पौड़ी जनपद के सभी निबंधकों और उप-निबंधकों की उपस्थिति रही, जहां उन्होंने अपने-अपने क्षेत्रों की स्थिति साझा की। इस दौरान महानिबंधक ने स्पष्ट किया कि पंजीकरण को जटिल बनाने की बजाय इसे जन-सहज बनाया जाना चाहिए, ताकि आवेदकों को कोई असुविधा न हो।
डॉ. वी. षणमुगम ने अधिकारियों से कहा कि वे जांच अधिकारी की भूमिका में न आकर दस्तावेजों की सत्यता सुनिश्चित करते हुए आवेदनों को स्वीकृत करें। यदि किसी दस्तावेज़ को लेकर शंका हो तो संबंधित विभाग से सत्यापन कराया जाए।
बैठक में जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने जिले में अब तक हुए पंजीकरणों की अद्यतन स्थिति PPT के माध्यम से प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि जनपद में 10 निबंधक एवं 182 उपनिबंधकों की तैनाती की गई है। अभी तक 7164 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जिनमें से 6233 स्वीकृत हो चुके हैं, और 88.35% सरकारी कर्मियों का पंजीकरण पूरा हो चुका है।
डॉ. चौहान ने यह भी बताया कि वन ग्रामों के निवासियों के पास दस्तावेजों की कमी के कारण पंजीकरण में कठिनाई आ रही है, जिस पर महानिबंधक ने सुझाव दिया कि इस संबंध में एक प्रस्ताव तैयार कर नोडल अधिकारी के माध्यम से शासन को भेजा जाए।
महानिबंधक ने ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को निर्देशित किया कि एक विस्तृत FAQ (अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न) फ्लोचार्ट तैयार कर सभी उप-निबंधकों को उपलब्ध कराया जाए, जिससे उन्हें समस्याओं के त्वरित समाधान में सहायता मिले।
इस अवसर पर नोडल अधिकारी/अपर जिलाधिकारी अनिल सिंह गर्ब्याल, संयुक्त मजिस्ट्रेट दीपक राम चंद्र सेट, उप जिलाधिकारी श्रीनगर नूपुर वर्मा, कोटद्वार एसडीएम सोहन सिंह सेनी, लैंसडौन एसडीएम शालिनी मौर्य, चौबट्टाखाल एसडीएम श्रेष्ठ गुनसोला, नगर आयुक्त कोटद्वार वैभव गुप्ता, डीपीआरओ जितेन्द्र कुमार, और अनेक उप-निबंधक एवं अधिकारी उपस्थित रहे।

