रुद्रपुर – आगामी गन्ना पेराई सत्र 2026-27 को लेकर प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया ने बुधवार को कैंप कार्यालय में सहकारी एवं सार्वजनिक क्षेत्र की चीनी मिलों के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने मिलों में मरम्मत और साफ-सफाई के कार्य शीघ्र पूरे कर 13 से 18 नवंबर के बीच पेराई शुरू करने के निर्देश दिए।
किसानों की सुविधाओं का रखा जाएगा विशेष ध्यान
जिलाधिकारी ने कहा कि पेराई सत्र के दौरान किसानों को गन्ना बिक्री में किसी प्रकार की परेशानी नहीं होनी चाहिए। इसके लिए चीनी मिल परिसरों और गन्ना क्रय केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, प्रतीक्षालय तथा सर्दी से बचाव के लिए अलाव की पर्याप्त व्यवस्था की जाए। क्रय केंद्रों पर गन्ने की लोडिंग और अनलोडिंग के लिए पर्याप्त श्रमिकों की तैनाती भी सुनिश्चित करने को कहा।
किसानों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए प्रत्येक चीनी मिल में शिकायत निवारण सेल गठित किया जाएगा। जिलाधिकारी ने सहायक गन्ना आयुक्त को क्रय केंद्रों पर आने वाली छोटी-बड़ी समस्याओं का तत्काल संज्ञान लेकर निस्तारण करने के निर्देश दिए।
घटतौली रोकने को हर 14 दिन में होगी जांच
गन्ना तौल में पारदर्शिता बनाए रखने और घटतौली पर अंकुश लगाने के लिए जिलाधिकारी ने बाट-माप निरीक्षक को प्रत्येक 14 दिन में गन्ना तौल कांटों की नियमित जांच करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसानों के हितों से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
ओवरलोड गन्ना वाहनों पर चलेगा अभियान
गन्ना ढुलाई के दौरान सड़क दुर्घटनाओं की आशंका को देखते हुए जिलाधिकारी ने सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी को ओवरलोड वाहनों के खिलाफ लगातार चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पेराई सत्र के दौरान यातायात व्यवस्था और सड़क सुरक्षा का विशेष ध्यान रखा जाए।
बैठक में मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शाशनी, सहायक गन्ना आयुक्त शैलेन्द्र सिंह, एआरटीओ नवीन सिंह कोठारी तथा चीनी मिल के प्रधान प्रबंधक राजबीर सिंह प्रत्यक्ष रूप से मौजूद रहे। वहीं गन्ना आयुक्त त्रिलोक सिंह मर्तोलिया, उपजिलाधिकारी ऋचा सिंह, डॉ. अमृता शर्मा सहित अन्य अधिकारी वर्चुअल माध्यम से बैठक में जुड़े।
