भवाली – देश-विदेश में चर्चित फिल्म ‘हनुमान अंश’ के अभिनेता शोभिनव सत्या अपनी टीम के साथ विश्व प्रसिद्ध श्री कैंची धाम पहुंचे। उन्होंने बाबा नीम करौली महाराज के दरबार में शीश नवाकर पूजा-अर्चना की और बाबा का आशीर्वाद प्राप्त किया। इस दौरान उनके साथ टीम के सदस्य रागिनी सोना और पूर्णिमा तिवारी भी मौजूद रहीं।
कैंची धाम पहुंचने पर अभिनेता एवं उनकी टीम ने मंदिर परिसर में बाबा नीम करौली महाराज के दर्शन किए। उन्होंने धाम की आध्यात्मिक एवं धार्मिक महत्ता के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हुए बाबा का आशीर्वाद लिया।

पुलिस की व्यवस्थाओं की सराहना
कैंची धाम में श्रद्धालुओं की बढ़ती आवाजाही के बीच सुविधा, सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के लिए तैनात नैनीताल पुलिस एवं उत्तराखंड पुलिस की ओर से किए जा रहे प्रबंधन की भी अभिनेता शोभिनव सत्या ने सराहना की।
उन्होंने पुलिसकर्मियों द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए किए जा रहे प्रयासों, सुरक्षा व्यवस्था और सेवा भाव की प्रशंसा करते हुए कहा कि धार्मिक स्थलों पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की आवाजाही के दौरान बेहतर यातायात एवं सुरक्षा व्यवस्था बेहद महत्वपूर्ण है।
श्रद्धालुओं से नियमों का पालन करने की अपील
अभिनेता शोभिनव सत्या ने कैंची धाम आने वाले श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों से पुलिस-प्रशासन द्वारा निर्धारित यातायात एवं सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस-प्रशासन के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों का सहयोग भी जरूरी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि कैंची धाम की धार्मिक गरिमा और व्यवस्थाओं को बनाए रखने में सभी अपनी जिम्मेदारी निभाएं तथा यातायात एवं सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन करें।
पुलिस क्षेत्राधिकारी ने किया सम्मानित
इस अवसर पर नैनीताल पुलिस क्षेत्राधिकारी भवाली रविकांत सेमवाल ने अभिनेता शोभिनव सत्या एवं उनके साथ मौजूद रागिनी सोना और पूर्णिमा तिवारी को स्मृति चिह्न भेंट कर सम्मानित किया।
क्षेत्राधिकारी रविकांत सेमवाल ने फिल्म ‘हनुमान अंश’ की सफलता के लिए अभिनेता एवं उनकी टीम को शुभकामनाएं दीं। इस दौरान कैंची धाम में पुलिस व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा को लेकर भी आपसी संवाद हुआ।
अभिनेता के कैंची धाम आगमन के दौरान श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों में भी उत्साह देखने को मिला। वहीं, पुलिस एवं प्रशासन की व्यवस्थाओं की सराहना और यातायात नियमों के पालन की अपील को जनहित में महत्वपूर्ण संदेश माना गया।











