स्वरोजगार से आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ रहीं महिलाएं, शक्ति समूह ने बनाई नई पहचान

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लालकुआं, नैनीताल – महिला सशक्तिकरण और स्वरोजगार को बढ़ावा देने की दिशा में लालकुआं क्षेत्र का शक्ति स्वयं सहायता समूह महिलाओं के आर्थिक आत्मनिर्भरता की प्रेरणादायी मिसाल बनकर उभर रहा है। नाबार्ड के सहयोग से प्रगतिशील संस्था द्वारा वर्ष 2018 में गठित इस समूह ने लगातार प्रयासों के बल पर स्वरोजगार के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

समूह से जुड़ी महिलाएं स्थानीय स्तर पर तैयार किए जा रहे विभिन्न उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ अपनी आय बढ़ाने की दिशा में भी काम कर रही हैं। वर्तमान में नाबार्ड के आर्थिक सहयोग से पिछले तीन वर्षों से समूह द्वारा रूरल मार्ट का संचालन किया जा रहा है। यहां स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार किए गए हस्तशिल्प उत्पाद, अचार, जैम-जेली, देसी घी, दालें, अनाज और बुरांश का जूस समेत विभिन्न स्थानीय उत्पाद बिक्री के लिए उपलब्ध हैं।

मेलों और प्रदर्शनियों में पहुंच रहे स्थानीय उत्पाद

शक्ति स्वयं सहायता समूह अपने उत्पादों की मार्केटिंग के लिए नाबार्ड के सहयोग से उत्तराखंड समेत देश के विभिन्न राज्यों में आयोजित मेलों और प्रदर्शनियों में स्टॉल लगाता है। इन आयोजनों के माध्यम से महिलाओं के उत्पादों को व्यापक बाजार उपलब्ध कराने के साथ उनकी बिक्री और प्रचार-प्रसार भी किया जा रहा है।

समूह की ओर से गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, पंतनगर में आयोजित किसान मेले में भी नियमित रूप से स्टॉल लगाया जाता है। यहां स्थानीय उत्पादों को उपभोक्ताओं तक पहुंचाने के साथ महिलाओं को अपने उत्पादों के लिए बाजार और नए ग्राहक मिल रहे हैं।

बेहतर बिक्री पर हर साल सम्मान

समूह की महिलाओं की मेहनत और उत्पादों की बेहतर बिक्री का परिणाम है कि उत्कृष्ट बिक्री एवं प्रदर्शन के लिए पंतनगर विश्वविद्यालय की ओर से समूह को प्रत्येक वर्ष सम्मानित किया जाता है। इससे समूह से जुड़ी महिलाओं का उत्साह बढ़ा है और वे अपने उत्पादों को बड़े बाजार तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास कर रही हैं।

अन्य महिलाओं के लिए बनी प्रेरणा

शक्ति स्वयं सहायता समूह की पहल महिला सशक्तिकरण, स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने और ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास के रूप में सामने आई है। समूह से जुड़ी महिलाएं अपने हुनर और मेहनत के जरिए न केवल परिवार की आर्थिक स्थिति को मजबूत कर रही हैं, बल्कि क्षेत्र की अन्य महिलाओं को भी स्वरोजगार से जुड़ने के लिए प्रेरित कर रही हैं।

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